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अहमदाबाद विमान हादसे में केबिन क्रू सदस्यों की दर्दभरी कहानी — साइनीता चक्रवर्ती की ज़िंदगी और आख़िरी सफ़र

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अहमदाबाद विमान हादसे में केबिन क्रू सदस्यों की दर्दभरी कहानी — साइनीता चक्रवर्ती की ज़िंदगी और आख़िरी सफ़र

अहमदाबाद | 14 जून 2025:
देश ने एक और बड़ा हवाई हादसा देखा, जिसने 241 परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AIC-271 की क्रैश लैंडिंग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में 241 यात्रियों की मौत हुई, जिनमें 10 केबिन क्रू मेंबर भी शामिल थे। उन्हीं में से एक थीं मुंबई की रहने वाली साइनीता चक्रवर्ती, जिनकी आख़िरी ड्यूटी ने उन्हें ज़िंदगी से हमेशा के लिए दूर कर दिया।

"वो मुस्कान अब नहीं लौटेगी..."

आईएएनएस से बातचीत में साइनीता की पड़ोसी और फैमिली फ्रेंड लारसन फर्नांडीज़ ने बताया,

"वो जब भी ड्यूटी पर जाती थीं, हँसते हुए कहती थीं – 'एक और उड़ान, फिर घर'... लेकिन इस बार वो घर नहीं लौटीं।"

लारसन की आंखें भर आईं जब उन्होंने बताया कि साइनीता का सपना था कि वो अपने माता-पिता के लिए एक छोटा सा घर खरीदें। "उन्होंने EMI देना शुरू ही किया था। अब घर तो रहेगा, लेकिन रहने वाला नहीं रहेगा।"

कौन थीं साइनीता?

27 साल की साइनीता चक्रवर्ती, मुंबई के अंधेरी इलाके में रहती थीं। बेहद मेहनती, जिम्मेदार और विनम्र स्वभाव की। दोस्तों में 'साइना' के नाम से मशहूर थीं। एयर इंडिया में पिछले चार सालों से बतौर सीनियर फ्लाइट अटेंडेंट काम कर रही थीं। इस फ्लाइट पर वो लीड केबिन क्रू थीं।

आख़िरी कॉल...

हादसे से ठीक 2 घंटे पहले साइनीता ने अपनी मां को कॉल किया था।

"मां, गुजरात जल्दी निपटाकर वापस आऊंगी, तुम मेरी पसंदीदा खिचड़ी बना लेना..."

अब मां उसी खिचड़ी की याद में हर दिन रोती हैं।

केबिन क्रू — अनदेखे हीरो

हादसे में जिन 10 क्रू मेंबर्स की जान गई, वो सभी आख़िरी वक्त तक पैसेंजर्स को बचाने की कोशिश में लगे रहे।
DGCA की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, कई पैसेंजर्स की जान सिर्फ इसलिए बच पाई क्योंकि क्रू मेंबर्स ने उन्हें इमरजेंसी स्लाइड से बाहर निकाला।

लाश नहीं, सिर्फ बैग आया...

लारसन ने बताया,

"एयर इंडिया ने बैग भेजा, जिसमें उनका यूनिफॉर्म और एक टूटा हुआ फोन था।"

हादसे की जांच जारी

DGCA, NTSB (USA) और एयर इंडिया की संयुक्त जांच चल रही है। शुरुआती रिपोर्ट में फ्लाइट के हाइड्रॉलिक फेलियर और रनवे पर जलते मलबे का जिक्र है। सरकार ने हादसे के पीड़ितों के लिए ₹25 लाख मुआवज़े की घोषणा की है, लेकिन जो ज़ख्म इस हादसे ने दिए हैं, वो पैसों से नहीं भर सकते।


सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि
#RIPSainita #AhmedabadAirCrash जैसे हैशटैग ट्विटर और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड कर रहे हैं। हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की।


📍 क्या ये हादसा रोका जा सकता था?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर रनवे की सुरक्षा बेहतर होती या समय पर तकनीकी चेक होते, तो शायद यह जानलेवा हादसा टल सकता था। यह हादसा एक बार फिर भारतीय एविएशन सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।


🙏 साइनीता की याद में…

उनकी आख़िरी उड़ान, उनके सपनों की चिता बन गई। अब वो नहीं हैं, लेकिन उनकी मुस्कान, उनकी सेवा और उनकी कुर्बानी इस देश को हमेशा याद रहेगी।

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